हरियाणा के मशहूर यूट्यूबर अरमान मलिक और उनकी पत्नी पायल मलिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनकी निजी जिंदगी या बिग बॉस ओटीटी 3 से नहीं, बल्कि एक धार्मिक विवाद से जुड़ा है। पायल मलिक को मोहाली के काली माता मंदिर समिति ने एक अनोखी सजा सुनाई है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। आइए, इस खबर के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि आखिर यह विवाद कैसे शुरू हुआ और इसका नतीजा क्या निकला।
पायल मलिक का विवादित वीडियो
कुछ समय पहले पायल मलिक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने मां काली का रूप धारण किया था। इस वीडियो में पायल ने पश्चिमी परिधान पहने थे और उनके गले में नींबू की माला थी, जो मां काली के पारंपरिक स्वरूप से मेल नहीं खाती थी। इस वीडियो को देखकर कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान माना और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
पायल के इस वीडियो पर हिंदू संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया। शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय महासचिव दीपांशु सूद ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताया और तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ढकोली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि पायल की इस हरकत ने लाखों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस शिकायत के बाद मामला और गंभीर हो गया।
पायल मलिक की माफी
विवाद बढ़ता देख पायल ने तुरंत अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा कर माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं अपनी गलती मानती हूं। मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। मेरी बेटी मां काली की बहुत बड़ी भक्त है, और मैंने उसके लिए यह वीडियो बनाया था।” पायल ने यह भी वादा किया कि वह भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराएंगी।
मंदिर समिति की अनोखी सजा
पायल की माफी के बावजूद मोहाली के काली माता मंदिर समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया। समिति ने पायल को धार्मिक सजा सुनाई, जिसमें उन्हें सात दिनों तक मंदिर में साफ-सफाई करने और आठवें दिन कंजक पूजन करने का आदेश दिया गया। यह सजा न केवल अनोखी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान कितना महत्वपूर्ण है।
पटियाला में पायल की पहली सेवा
22 जुलाई 2025 को पायल अपने पति अरमान मलिक के साथ पटियाला के काली माता मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने एक घंटे तक लंगर के बर्तन धोए और मंदिर में सेवा की। इस दौरान पायल ने फिर से मां काली के सामने माफी मांगी और कहा कि वह अपनी गलती के लिए शर्मिंदा हैं।
मोहाली में सजा की शुरुआत
23 जुलाई को पायल अपने परिवार के साथ मोहाली के खरड़ स्थित प्राचीन काली माता मंदिर पहुंचीं। यहां धार्मिक संगठनों के सदस्य भी मौजूद थे। पायल ने मंदिर में पूजा की और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मुझे जो भी सजा दी जाएगी, मैं उसे पूरी तरह स्वीकार करती हूं।” इसके बाद उन्होंने मंदिर की साफ-सफाई शुरू की, जो उनकी सजा का हिस्सा थी।