भारत की अर्थव्यवस्था 2025 में नई ऊंचाइयों को छू रही है, और इसके साथ ही देश के सबसे अमीर लोगों की सूची भी चर्चा का विषय बनी हुई है। फोर्ब्स की नवीनतम रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, भारत में 200 से अधिक अरबपति हैं, जो दुनिया में तीसरे स्थान पर है। इनमें से शीर्ष 10 लोग न केवल अपनी संपत्ति के लिए बल्कि अपने उद्यमशीलता के दम पर भी सुर्खियों में हैं। यह लेख आपको भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोगों की कहानी, उनकी संपत्ति और उनकी सफलता के पीछे के रहस्यों से रूबरू कराएगा। आइए, इस रोमांचक यात्रा में शामिल हों।
मुकेश अंबानी:
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 2025 में भी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में शीर्ष पर काबिज हैं। उनकी कुल संपत्ति 116 बिलियन डॉलर (लगभग 9.7 लाख करोड़ रुपये) है। रिलायंस जियो और रिटेल के क्षेत्र में उनकी रणनीतिक दूरदर्शिता ने उन्हें वैश्विक स्तर पर 15वें सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब दिलाया है। अंबानी की हालिया उपलब्धियों में जियो के 5G विस्तार और रिलायंस रिटेल का वैश्विक स्तर पर विस्तार शामिल है।
गौतम अडानी:
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 84 बिलियन डॉलर (लगभग 7 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। 2024 में हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में वे पहले स्थान पर थे, लेकिन 2025 में उनकी संपत्ति में कुछ कमी आई। फिर भी, अडानी पोर्ट्स, ग्रीन एनर्जी और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में उनके निवेश ने उन्हें वैश्विक स्तर पर 20वें स्थान पर रखा है। उनकी कहानी मेहनत और जोखिम लेने की क्षमता का प्रतीक है।
शिव नादर:
HCL टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शिव नादर 36.9 बिलियन डॉलर (लगभग 3.1 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं। उनकी कंपनी ने IT और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस में वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाई है। नादर की परोपकारी गतिविधियां, विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में, उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती हैं। वे दुनिया के 42वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।
सावित्री जिंदल और परिवार:
जिंदल ग्रुप की सावित्री जिंदल और उनका परिवार 37.3 बिलियन डॉलर (लगभग 3.1 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ चौथे स्थान पर हैं। भारत की सबसे धनी महिला के रूप में, सावित्री जिंदल ने अपने पति ओ.पी. जिंदल की विरासत को न केवल संभाला बल्कि इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। स्टील और ऊर्जा क्षेत्र में उनकी कंपनी की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं।
दिलीप सांघवी:
सन फार्मास्युटिकल्स के संस्थापक दिलीप सांघवी 26.4 बिलियन डॉलर (लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ पांचवें स्थान पर हैं। उनकी कंपनी भारत की सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनी है, जो दवाओं के उत्पादन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है। सांघवी की सादगी और मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
साइरस पूनावाला:
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक साइरस पूनावाला 25.1 बिलियन डॉलर (लगभग 2.1 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ छठे स्थान पर हैं। कोविड-19 वैक्सीन के उत्पादन में उनकी कंपनी की भूमिका ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई। पूनावाला का योगदान भारत को वैक्सीन हब बनाने में महत्वपूर्ण रहा है।
कुमार मंगलम बिरला:
आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला 22.2 बिलियन डॉलर (लगभग 1.85 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ सातवें स्थान पर हैं। सीमेंट, टेक्सटाइल और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में उनकी कंपनी की मौजूदगी ने उन्हें एक मजबूत उद्यमी बनाया है। बिरला की नई पीढ़ी की सोच ने ग्रुप को आधुनिकता की ओर ले जाया है।
कुशल पाल सिंह:
DLF लिमिटेड के चेयरमैन एमेरिटस कुशल पाल सिंह 18.5 बिलियन डॉलर (लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ आठवें स्थान पर हैं। भारत की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी को उन्होंने नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 2025 में उनकी सूची में शामिल होना उनकी दीर्घकालिक सफलता का प्रमाण है।
राधाकृष्ण दमानी:
D-मार्ट के संस्थापक राधाकृष्ण दमानी 20.5 बिलियन डॉलर (लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ नौवें स्थान पर हैं। उनकी रिटेल चेन ने सस्ते और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के दम पर भारतीय बाजार में क्रांति ला दी। दमानी की सादगी और व्यवसायिक कुशाग्रता उनकी सफलता का आधार है।
अजीम प्रेमजी:
विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी 15.8 बिलियन डॉलर (लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ दसवें स्थान पर हैं। अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा परोपकार के लिए दान करने वाले प्रेमजी भारत के सबसे बड़े दानदाताओं में से एक हैं। उनकी कंपनी ने IT क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान दिलाई।