कर्नाटक के गोकर्ण में रामतीर्थ पहाड़ियों की एक दुर्गम गुफा में एक 40 वर्षीय रूसी महिला, नीना कुटिना, और उनकी दो छोटी बेटियों, प्रिया (6 वर्ष) और आमा (4 वर्ष), को स्थानीय पुलिस ने खोजा। यह खबर न केवल भारत, बल्कि विश्व भर में चर्चा का विषय बन गई। नीना, जो 2017 में अपने बिजनेस वीजा की समाप्ति के बाद भारत में रुकी थीं, ने अपनी बेटियों के साथ प्रकृति की गोद में एक अनोखा जीवन चुना। यह लेख उनकी इस असाधारण कहानी, उनके जीवन के तौर-तरीकों, और इस घटना के पीछे की वजहों को उजागर करता है। यह कहानी आपको अंत तक बांधे रखेगी और प्रकृति, आध्यात्मिकता, और मानवीय संकल्प की शक्ति को दर्शाएगी।
गोकर्ण की गुफा:
गोकर्ण, कर्नाटक का एक तटीय शहर, अपने मंदिरों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। रामतीर्थ पहाड़ियों में स्थित यह गुफा, जहां नीना अपनी बेटियों के साथ रह रही थीं, समुद्र के किनारे एक खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करती है। नीना ने बताया कि यह गुफा उनके लिए एक आध्यात्मिक आश्रय थी, जहां वे ध्यान, योग, और पूजा में लीन रहती थीं। गुफा में रुद्र की मूर्ति और कुछ धार्मिक पुस्तकें भी मिलीं, जो उनके आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाती हैं।
एक स्वतंत्र आत्मा
नीना कुटिना, जिन्हें मोही के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रशिक्षित शिक्षिका हैं, जो रूसी साहित्य और कला पढ़ाती थीं। उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने 20 देशों की यात्रा की है, और प्रकृति के बीच रहना उनकी जीवनशैली का हिस्सा है। भारत आने से पहले वे गोवा, नेपाल, और थाईलैंड जैसे स्थानों पर रहीं। नीना का कहना है कि वे और उनकी बेटियां प्रकृति में खुश थीं और गुफा उनके लिए एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण जगह थी।
गुफा में जीवन:
नीना और उनकी बेटियों ने गुफा में एक साधारण जीवन जिया। वे सुबह सूर्योदय के साथ उठती थीं, पास के झरने में स्नान करती थीं, और रोटी, सब्जी करी, और इंस्टेंट नूडल्स जैसे साधारण भोजन तैयार करती थीं। नीना अपनी बेटियों को स्वयं पढ़ाती थीं, जिसमें कला, गायन, और प्रकृति के बारे में शिक्षा शामिल थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटियां स्वस्थ, बुद्धिमान, और खुशहाल हैं।
खोज का क्षण:
9 जुलाई को, गोकर्ण पुलिस के सब-इंस्पेक्टर श्रीधर एस.आर. और उनकी टीम ने रामतीर्थ पहाड़ियों में नियमित गश्त के दौरान गुफा के बाहर कपड़े और हिंदू देवताओं की तस्वीरें देखीं। जांच करने पर उन्हें नीना और उनकी बेटियां मिलीं। पुलिस ने उन्हें भूस्खलन के खतरे और जहरीले सांपों की मौजूदगी के बारे में चेतावनी दी, लेकिन नीना ने कहा कि सांप उनके दोस्त हैं और वे उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाते।
वीजा उल्लंघन:
नीना 2016 में भारत बिजनेस वीजा पर आई थीं, जो 2017 में समाप्त हो गया। इसके बाद उन्होंने भारत छोड़ने के बजाय गोवा और फिर गोकर्ण में रहना चुना। पुलिस को गुफा में उनकी खोज के बाद उनके पासपोर्ट और वीजा दस्तावेज बरामद किए गए, जो जंगल में कहीं खो गए थे। अब उनके और उनकी बेटियों के डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आध्यात्मिक खोज:
गोकर्ण अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के लिए विश्व भर में जाना जाता है। नीना ने बताया कि वे हिंदू धर्म और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से गहरे प्रभावित थीं। गुफा में रहते हुए वे भगवान राम की पूजा करती थीं और अपने बच्चों को भी धार्मिक मूल्यों की शिक्षा देती थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे गोकर्ण केवल प्रकृति की शांति और स्वास्थ्य लाभ के लिए आई थीं।