गुरुग्राम, हरियाणा में ऐसी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया, जिसने न केवल खेल जगत को स्तब्ध कर दिया, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। 25 वर्षीय राज्य स्तरीय टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की उनके ही पिता दीपक यादव ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना गुरुग्राम के सेक्टर-57 में उनके घर पर हुई, जहाँ राधिका अपनी माँ मंजू और पिता के साथ रहती थीं। इस लेख में हम इस दुखद घटना के विभिन्न पहलुओं, कारणों और इसके सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डालेंगे।
एक उभरती सितारा थी राधिका
राधिका यादव एक प्रतिभाशाली टेनिस खिलाड़ी थीं, जिन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीते थे। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें खेल जगत में एक उभरता सितारा बनाया था। हालाँकि, एक कंधे की चोट के कारण उन्हें पेशेवर टेनिस से संन्यास लेना पड़ा। इसके बाद, राधिका ने अपनी जुनून को जीवित रखते हुए एक टेनिस अकादमी शुरू की, जो पिछले एक साल से सफलतापूर्वक चल रही थी। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि उनके परिवार को भी गर्व महसूस कराया।
पिता-पुत्री के बीच तनाव
पुलिस जांच के अनुसार, राधिका और उनके पिता दीपक के बीच पिछले कुछ समय से तनाव चल रहा था। दीपक, जो एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी थे, अपनी बेटी की बढ़ती लोकप्रियता और आर्थिक स्वतंत्रता से असहज थे। पड़ोसियों और गाँव वालों के ताने, जो दीपक को यह कहकर चिढ़ाते थे कि वह अपनी बेटी की कमाई पर निर्भर हैं, ने उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया। यह तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब राधिका ने अपनी अकादमी को बंद करने से इनकार कर दिया।
इंस्टाग्राम रील्स का विवाद
सूत्रों के मुताबिक, राधिका की सोशल मीडिया पर सक्रियता भी इस हत्याकांड का एक प्रमुख कारण बनी। राधिका ने हाल ही में एक म्यूजिक वीडियो में काम किया था, जो 2024 में ज़ीशान अहमद द्वारा निर्मित और एलएलएफ रिकॉर्ड्स के तहत रिलीज़ हुआ था। इस वीडियो में राधिका ने स्वतंत्र कलाकार INAAM के साथ काम किया था। उनके पिता को यह वीडियो और उनकी इंस्टाग्राम रील्स पसंद नहीं थीं। दीपक ने कई बार राधिका से सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियाँ कम करने को कहा, लेकिन राधिका ने इसे अपनी निजी स्वतंत्रता का हिस्सा मानकर उनके अनुरोध को ठुकरा दिया।
हत्या का भयावह क्षण
घटना 10 जुलाई 2025 की सुबह करीब 10:30 बजे हुई। उस समय राधिका अपनी माँ के जन्मदिन के लिए रसोई में खाना बना रही थीं। उनकी माँ मंजू बुखार के कारण अपने कमरे में आराम कर रही थीं। दीपक ने अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर से राधिका पर पाँच गोलियाँ दागीं, जिनमें से तीन उनकी पीठ में लगीं। गोली की आवाज़ सुनकर राधिका के चाचा कुलदीप और उनके बेटे पीयूष तुरंत पहली मंजिल पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने राधिका को रसोई में खून से लथपथ पाया। पास के ड्राइंग रूम में रिवॉल्वर पड़ा था, जिसमें पाँच खाली कारतूस और एक जिंदा कारतूस था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
गुरुग्राम पुलिस को सुबह 11 बजे एशिया मारिंगो अस्पताल से इस घटना की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत दीपक यादव को हिरासत में लिया और उनकी रिवॉल्वर को जब्त कर लिया। पूछताछ के दौरान, दीपक ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वह सामाजिक तानों और अपनी बेटी की स्वतंत्रता से परेशान थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और इस मामले की गहन जाँच शुरू कर दी।
सोशल मीडिया अकाउंट्स का रहस्य
राधिका की हत्या के बाद एक और रहस्य सामने आया। उनके सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स अचानक गायब हो गए। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि क्या ये अकाउंट्स हत्या से पहले डिलीट किए गए या हत्या के बाद किसी ने इन्हें हटाया। यह रहस्य इस मामले को और जटिल बना रहा है। क्या यह हत्या का हिस्सा था, या कोई और सच्चाई सामने आएगी? यह सवाल पुलिस और जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
परिवार का दर्द
राधिका की माँ मंजू, जो उस समय बीमार थीं, ने इस घटना पर कोई लिखित बयान देने से इनकार कर दिया। उनके चाचा कुलदीप ने पुलिस को बताया कि वह राधिका की प्रतिभा और उपलब्धियों से बहुत प्रभावित थे। उन्होंने कहा, “वह एक होनहार खिलाड़ी थी। मुझे समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों हुआ।” इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।