How to Prevent Cancer? इन 3 चीज़ों को आज ही खाना छोड़ दें, वरना बढ़ सकता है कैंसर का खतरा!

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जो आजकल हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी रोज़मर्रा की खानपान की आदतें इस खतरनाक बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकती हैं? कुछ पदार्थ ऐसे हैं, जिनका नियमित सेवन आपके स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह जानकारी न केवल आपके लिए, बल्कि आपके परिवार के लिए भी बेहद जरूरी है। तो आइए, जानते हैं कि ये तीन चीज़ें क्या हैं और इन्हें छोड़ना क्यों ज़रूरी है।

प्रोसेस्ड मीट:

    प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, बेकन, हॉट डॉग, और डेली मीट आजकल हमारी डाइट का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने प्रोसेस्ड मीट को कैंसरकारी (कार्सिनोजेनिक) घोषित किया है? इनमें मौजूद नाइट्रेट्स और प्रिजर्वेटिव्स, जैसे सोडियम नाइट्रेट, कोलोरेक्टल और पेट के कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।

    क्यों है प्रोसेस्ड मीट खतरनाक?

      प्रोसेस्ड मीट को लंबे समय तक ताज़ा रखने के लिए इसमें कई रसायन और नमक डाले जाते हैं। ये रसायन हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं, जो डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, इन्हें पकाने के दौरान बनने वाले यौगिक, जैसे हेटरोसाइक्लिक एमाइन्स (HCAs), कैंसर के खतरे को और बढ़ाते हैं।

      चीनी युक्त पेय:

        कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, और अन्य चीनी युक्त पेय आजकल हर घर में आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन ये स्वादिष्ट ड्रिंक्स आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं। इनमें मौजूद अत्यधिक चीनी न केवल मोटापे को बढ़ाती है, बल्कि यह कैंसर के जोखिम को भी बढ़ा सकती है।

        चीनी कैसे बढ़ाती है कैंसर का खतरा?

          अध्ययनों के अनुसार, ज्यादा चीनी का सेवन शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाता है, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को प्रोत्साहित कर सकता है। खासकर, ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर का खतरा इन पेय पदार्थों से बढ़ता है। इसके अलावा, ये ड्रिंक्स सूजन (inflammation) को बढ़ाते हैं, जो कैंसर का एक प्रमुख कारण है।

          रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स:

            सफेद ब्रेड, मैदा, पास्ता, और अन्य रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स हमारी डाइट का बड़ा हिस्सा हैं। लेकिन ये खाद्य पदार्थ आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स में फाइबर और पोषक तत्व कम होते हैं, और ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।

            रिफाइंड कार्ब्स का कैंसर से संबंध

              रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत अधिक होता है, जिससे ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर तेजी से बढ़ता है। यह स्थिति कैंसर कोशिकाओं को पनपने का मौका देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इनका सेवन करने से कोलोरेक्टल और पैनक्रियाटिक कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

              इन खाद्य पदार्थों को कैसे छोड़ें?

              • प्रोसेस्ड मीट की जगह: ताज़ा चिकन, मछली, या दालों का सेवन करें।
              • चीनी युक्त पेय की जगह: नींबू पानी, नारियल पानी, या हर्बल चाय पिएं।
              • रिफाइंड कार्ब्स की जगह: साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, क्विनोआ, और ओट्स का उपयोग करें।

              WhatsApp Group Join Now
              Telegram Group Join Now

              Leave a Comment