हरियाणा में 26 और 27 जुलाई 2025 को होने वाली हरियाणा कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के लिए सभी स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया गया है। यह खबर न केवल लाखों उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे राज्य में एक उत्साह का माहौल पैदा कर रही है। CET परीक्षा, जो हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) द्वारा आयोजित की जा रही है, ग्रुप C और D पदों के लिए उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। आइए, इस खबर को विस्तार से जानें और समझें कि यह परीक्षा और स्कूलों की छुट्टी क्यों इतनी चर्चा में है।
CET परीक्षा
हरियाणा CET एक प्रारंभिक लिखित परीक्षा है, जो ग्रुप C और D पदों जैसे क्लर्क, स्टेनोग्राफर, तकनीशियन, और लेबोरेटरी अटेंडेंट जैसे विभिन्न सरकारी पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करती है। इस वर्ष, लगभग 13.47 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग ले रहे हैं, जो इसे राज्य की सबसे बड़ी और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक बनाता है। सुबह 10:00 बजे से 11:45 बजे तक और शाम 3:15 बजे से 5:00 बजे तक: यह परीक्षा 26 , 27 जुलाई को दो पालियों में आयोजित होगी
स्कूल बंद होने का कारण
हरियाणा सरकार ने CET परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 26 जुलाई 2025 को सभी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि यह कदम परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए उठाया गया है। राज्य भर में 1350 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से कई स्कूल भवनों में हैं। स्कूलों को बंद करके, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि परीक्षा प्रक्रिया में कोई व्यवधान न हो और उम्मीदवारों को शांतिपूर्ण माहौल मिले।
परीक्षा का प्रारूप और महत्व
CET परीक्षा का प्रश्नपत्र द्विभाषी (अंग्रेजी और हिंदी) होगा और इसमें 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न 0.975 अंक का होगा, और गलत उत्तर के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं है। हालांकि, अनुत्तरित प्रश्नों के लिए 0.25 अंक काटे जाएंगे। परीक्षा का स्तर ग्रुप C के लिए 10+2 और ग्रुप D के लिए मैट्रिक स्तर का होगा, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न मैट्रिक स्तर के होंगे। यह परीक्षा उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों के लिए योग्यता साबित करने का मौका देती है, जिसके स्कोर 3 साल तक वैध रहते हैं।
स्कूल बंदी से छात्रों और अभिभावकों पर प्रभाव
स्कूलों के बंद होने से न केवल CET उम्मीदवारों को लाभ होगा, बल्कि स्कूली छात्रों और अभिभावकों को भी एक अतिरिक्त अवकाश मिलेगा। यह अवकाश बच्चों के लिए एक छोटी सी छुट्टी की तरह है, जिसे वे अपने परिवार के साथ बिता सकते हैं। हालांकि, कुछ अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई का शेड्यूल प्रभावित हो सकता है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह एक दिन की छुट्टी है और स्कूल जल्द ही नियमित समय पर चलेंगे।