नई दिल्ली, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में यात्रा कर एक सादगी भरा उदाहरण पेश किया। उन्होंने धौला कुआं मेट्रो स्टेशन से यशोभूमि द्वारका सेक्टर-25 तक का सफर टोकन लेकर अपने स्टाफ के साथ पूरा किया। यह यात्रा न केवल उनकी जनसाधारण से जुड़ने की प्रवृत्ति को दर्शाती है, बल्कि दिल्ली मेट्रो की सुविधाओं और शहरी कनेक्टिविटी को बढ़ावा देती है। मनोहर लाल यशोभूमि में अपने मंत्रालय के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। आइए, इस खबर के विभिन्न पहलुओं और इसके महत्व पर विस्तार से नजर डालते हैं।
मनोहर लाल का मेट्रो सफर:
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, जो हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, ने दिल्ली मेट्रो में सफर कर आम जनता के बीच अपनी सादगी और सहजता का परिचय दिया। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया हो। इससे पहले भी वह कई मौकों पर जनसामान्य के साथ जुड़ने के लिए ऐसे कदम उठाते रहे हैं। उनका यह कदम न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है, बल्कि दिल्ली मेट्रो की विश्वसनीयता और सुगमता को भी रेखांकित करता है।
धौला कुआं से यशोभूमि तक का सफर:
मनोहर लाल ने अपनी यात्रा दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज लाइन) पर धौला कुआं स्टेशन से शुरू की, जो दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा स्टेशन है, जो 23.6 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह स्टेशन पिंक लाइन और ऑरेंज लाइन का इंटरचेंज पॉइंट भी है। उन्होंने यशोभूमि द्वारका सेक्टर-25 स्टेशन तक का सफर तय किया, जो हाल ही में 17 सितंबर 2023 को शुरू हुआ था। यह स्टेशन भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र (IICC), जिसे यशोभूमि के नाम से जाना जाता है, से जुड़ा हुआ है। इस रूट की कुल दूरी लगभग 24.9 किलोमीटर है, और यात्रा में लगभग 21 मिनट का समय लगा, क्योंकि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की ट्रेनें 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती हैं।
टोकन लेकर यात्रा:
केंद्रीय मंत्री के रूप में अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद, मनोहर लाल ने मेट्रो टोकन खरीदकर यात्रा की, जो उनकी सादगी और आम जनता के साथ जुड़ाव को दर्शाता है। दिल्ली मेट्रो में टिकटिंग प्रणाली स्वचालित किराया संग्रह (AFC) सिस्टम पर आधारित है, जो स्मार्ट कार्ड और कॉन्टैक्टलेस टोकन के माध्यम से संचालित होती है। मनोहर लाल ने टोकन का उपयोग कर यह संदेश दिया कि वह एक आम यात्री की तरह ही मेट्रो की सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह कदम न केवल उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है, बल्कि दिल्ली मेट्रो की उपयोगिता को भी प्रोत्साहित करता है।
स्टाफ के साथ यात्रा:
मनोहर लाल ने इस यात्रा में अपने पूरे स्टाफ को भी शामिल किया। उनके साथ मंत्रालय के कर्मचारी और सहयोगी मौजूद थे, जो इस अनुभव का हिस्सा बने। यह सामूहिक यात्रा न केवल मंत्रालय के कर्मचारियों के बीच एकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि केंद्रीय मंत्री अपने स्टाफ के साथ मिलकर काम करने में विश्वास रखते हैं। यात्रा के दौरान उन्होंने अन्य यात्रियों के साथ भी बातचीत की, जिससे माहौल और अधिक जीवंत हो गया।
यशोभूमि में मंत्रालय का कार्यक्रम:
मनोहर लाल की यह मेट्रो यात्रा यशोभूमि में आयोजित उनके मंत्रालय के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का हिस्सा थी। यशोभूमि, जिसे भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र (IICC) के रूप में जाना जाता है, द्वारका में स्थित एक अत्याधुनिक सुविधा है। यह केंद्र विश्व स्तर के MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस, और प्रदर्शनियां) आयोजनों के लिए बनाया गया है। मंत्रालय का यह कार्यक्रम शहरी विकास और आवास से संबंधित नीतियों और परियोजनाओं पर केंद्रित था। मनोहर लाल ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जो दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में शहरी बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी।