हरियाणा के सोनीपत जिले के खेड़ी दमकन गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान कृष्ण कुमार की रविवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने जवान को रात के अंधेरे में घर से बाहर बुलाया और फिर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। यह घटना न केवल स्थानीय समुदाय के लिए एक झटका है, बल्कि यह उन खतरों को भी उजागर करती है, जिनका सामना हमारे देश के रक्षक अपने घरों में भी कर सकते हैं। आइए, इस त्रासदी के विभिन्न पहलुओं को समझने की कोशिश करें।
घटना का चौंकाने वाला विवरण
29 वर्षीय कृष्ण कुमार, जो CRPF में छत्तीसगढ़ में तैनात थे, एक महीने की छुट्टी अपने गांव खेड़ी दमकन आए थे। रात को कुछ लोग उनके घर पहुंचे , बातचीत के बहाने उन्हें बाहर बुलाया। जैसे ही कृष्ण बाहर आए, उन पर गोलियां बरसाई गईं। गोली की आवाज सुनकर परिवार और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक कृष्ण खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। यह दुखद घटना 27 जुलाई 2025 की देर रात, करीब 12:50 बजे, सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में हुई।
अस्पताल में अंतिम सांसें
परिजनों ने तुरंत कृष्ण को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, खासकर इसलिए क्योंकि तीन दिन पहले ही कृष्ण के घर में एक नन्हा मेहमान आया था। उनकी पत्नी अभी भी अस्पताल में भर्ती थी।
कांवड़ यात्रा से जुड़ा विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्या का कारण कांवड़ यात्रा के दौरान हुआ एक विवाद हो सकता है। कृष्ण हाल ही में हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर लौटे थे, जहां उनकी गांव के ही कुछ युवकों—अजय, निशांत, और आनंद—से कहासुनी हो गई थी। यह छोटा-सा झगड़ा इतना बढ़ गया कि इसने एक जवान की जान ले ली। पुलिस ने इन तीनों युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है, लेकिन वे अभी फरार हैं।
परिवार का दर्द
कृष्ण के परिवार के लिए यह घटना एक असहनीय त्रासदी है। उनके पिता बलवान ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे की किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी, सिवाय हाल के कांवड़ यात्रा विवाद के। कृष्ण दो बच्चों के पिता थे, जिनमें से एक का जन्म महज तीन दिन पहले हुआ था। उनकी पत्नी, जो अभी प्रसव के बाद अस्पताल में है, को इस घटना की जानकारी नहीं दी गई है, ताकि उनकी हालत न बिगड़े।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गोहाना के ACP ऋषिकांत के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और चार विशेष टीमें गठित कीं, जिनमें दो CIA टीमें, एक ACP टीम, और SHO की टीम शामिल हैं। ये टीमें आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया है, क्योंकि इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
CRPF जवान का सम्मानजनक सफर
कृष्ण कुमार करीब 11 साल पहले CRPF में भर्ती हुए थे। छत्तीसगढ़ में अपनी ड्यूटी के दौरान उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया था। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे एक समर्पित और जिम्मेदार जवान थे। उनकी हत्या ने न केवल उनके परिवार, बल्कि CRPF बटालियन को भी गहरा आघात पहुंचाया है।