हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। रोशन नगर में रहने वाले एक पिता ने अपने दो मासूम बच्चों को कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिलाया और फिर खुद भी उसी जहरीले पेय को पी लिया। इस दुखद घटना में पिता और दोनों बच्चों की मौत हो गई। यह घटना न केवल स्थानीय समुदाय के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी चेतावनी है, जो पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की गंभीरता को उजागर करती है। आइए, इस घटना के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझें।
घटना का दुखद विवरण
यह दिल दहलाने वाली घटना फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र के रोशन नगर में शनिवार देर रात हुई। मृतक की पहचान मोहम्मद निजाम (34 वर्ष), उनके बेटे दिलशाद (12 वर्ष), और बेटी साइमा (11 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, निजाम ने रात करीब 8 बजे कोल्ड ड्रिंक में जहरीला पदार्थ मिलाया और अपने बच्चों को पिलाने के बाद खुद भी पी लिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी। पड़ोसियों को इसकी भनक लगी, और उन्होंने तुरंत तीनों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चला इलाज
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने साइमा को मृत घोषित कर दिया। निजाम और दिलशाद का इलाज शुरू किया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। कुछ घंटों की जद्दोजहद के बाद दोनों ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना ने अस्पताल के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। पुलिस को सूचना मिलते ही पल्ला थाना की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पारिवारिक कलह का असर
जांच में सामने आया कि निजाम का अपनी पत्नी खुशी के साथ पिछले तीन महीनों से विवाद चल रहा था। इस विवाद के चलते खुशी अपने बच्चों को छोड़कर लकड़पुर में अपनी बहन के पास रहने चली गई थी। निजाम, जो पेशे से ऑटो चालक था, बच्चों की परवरिश अकेले कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, निजाम को शराब की लत थी, जिसके कारण घर में अक्सर तनाव रहता था।
पत्नी ने दर्ज कराई शिकायत
खुशी ने अपने पति मोहम्मद निजाम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। उसका कहना है कि निजाम ने जानबूझकर बच्चों को जहर देकर उनकी हत्या की और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। पल्ला थाना पुलिस ने खुशी के बयान के आधार पर निजाम के खिलाफ हत्या की धारा के तहत एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
पड़ोसियों की भूमिका
रात करीब साढ़े आठ बजे जब निजाम और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर फैली, तो पड़ोसियों ने तुरंत हरकत में आकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। कि निजाम और बच्चों की हालत देखकर उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ था,पड़ोसियों का कहना है|