जून 2025 को अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 की दुर्घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस त्रासदी में 260 लोगों की जान चली गई, जिसने इसे भारतीय विमानन इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक बना दिया। 12 जुलाई 2025 को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह लेख इस हादसे के कारणों, जांच के निष्कर्षों और इसके व्यापक प्रभावों को रोचक और विस्तृत रूप से प्रस्तुत करता है, ताकि पाठक अंत तक जिज्ञासा और उत्साह के साथ इसे पढ़ें।
उड़ान के 32 सेकंड बाद तबाही
एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी, ने 12 जून 2025 को दोपहर 1:39 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी। लेकिन मात्र 32 सेकंड बाद, यह विमान पास के एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में जा गिरा। इस हादसे में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से केवल एक व्यक्ति जीवित बचा, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी मृत्यु हो गई।
फ्यूल स्विच का रहस्य:
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया कि टेकऑफ के तीन सेकंड बाद ही विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए, जिसके कारण इंजनों को ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई। यह स्विच, जो स्प्रिंग-लोडेड हैं, गलती से नहीं बदले जा सकते। जांच में यह भी सामने आया कि स्विच एक सेकंड के अंतराल में बंद हुए, जिसने विमान को पूरी तरह शक्तिहीन कर दिया।
पायलटों की आखिरी बातचीत
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से प्राप्त ऑडियो में हादसे से ठीक पहले पायलटों के बीच हुई बातचीत का खुलासा हुआ। एक पायलट ने पूछा, “तुमने फ्यूल कटऑफ क्यों किया?” जिसका जवाब था, “मैंने नहीं किया।” यह संवाद कॉकपिट में मौजूद भ्रम और तनाव को उजागर करता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि स्विच किसने बदला या यह तकनीकी खराबी थी।
तकनीकी खराबी की आशंका
हालांकि, विमान के रखरखाव रिकॉर्ड में 2023 के बाद फ्यूल कंट्रोल सिस्टम से संबंधित कोई खराबी दर्ज नहीं थी।
पायलटों की विशेषज्ञता और स्थिति
फ्लाइट के कमांडिंग पायलट, कैप्टन सुमीत सभरवाल (56 वर्ष), के पास 15,638 घंटों का उड़ान अनुभव था और वे एयर इंडिया के प्रशिक्षक थे। सह-पायलट क्लाइव कुंदर (32 वर्ष) के पास 3,400 घंटों से अधिक का अनुभव था। दोनों पायलटों ने उड़ान से पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पास किया था और पूरी तरह फिट पाए गए थे।
रैम एयर टरबाइन का सक्रियण
रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के तुरंत बाद रैम एयर टरबाइन (RAT) सक्रिय हो गई, जो इंजनों से बिजली आपूर्ति बंद होने का संकेत देती है। RAT एक आपातकालीन बिजली स्रोत है, जो विमान को न्यूनतम शक्ति प्रदान करता है। सीसीटीवी फुटेज में RAT के सक्रिय होने की पुष्टि हुई, जो हादसे से पहले विमान की शक्ति हानि को दर्शाता है।
क्या थी जानबूझकर कार्रवाई?
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ कैप्टन मोहन रंगनाथन ने इस हादसे को “जानबूझकर मानवीय कार्रवाई” की संभावना से जोड़ा, जिसने विवाद को जन्म दिया। उन्होंने 2015 के जर्मनविंग्स हादसे का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन असंभव नहीं। हालांकि, AAIB ने अभी तक तोड़फोड़ के कोई सबूत नहीं पाए हैं।