कैथल,: हरियाणा के कैथल जिले के कवारतन (सीवन) गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, क्योंकि भारतीय सेना की 10 सिख रेजिमेंट के जवान संजय सिंह सैनी लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। यह दुखद घटना सोमवार को लेह-लद्दाख के कठिन और बर्फीले इलाके में ड्यूटी के दौरान हुई। संजय सिंह सैनी के परिवार के लिए यह दोहरा दुख है, क्योंकि तीन महीने पहले ही उनके पिता का निधन हुआ था। संजय अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हाल ही में घर आए थे। उनकी शहादत की खबर ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।
संजय सिंह सैनी: एक वीर सपूत की कहानी
संजय सिंह सैनी, जो कवारतन गांव के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, भारतीय सेना में अपनी कर्तव्यनिष्ठा और साहस के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 10 सिख रेजिमेंट में शामिल होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। लद्दाख जैसे कठिन और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में, जहां तापमान शून्य से नीचे चला जाता है और ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी चुनौती है, संजय ने पूरे समर्पण के साथ अपनी ड्यूटी निभाई। उनकी देश की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
परिवार पर दोहरी त्रासदी
संजय सिंह सैनी का परिवार अभी तीन महीने पहले हुए उनके पिता के निधन के दुख से उबर भी नहीं पाया था कि यह दूसरी त्रासदी उनके सामने आ खड़ी हुई। संजय अपनी मां, पत्नी, दो बेटों (14 और 11 वर्ष), और बड़े भाई के साथ रहते थे। उनके पिता की मृत्यु के बाद संजय ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी। वह हाल ही में अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए गांव आए थे, और उस दौरान उन्होंने अपने परिवार और गांव वालों के साथ कुछ समय बिताया था। उनकी मां, जो पहले ही अपने पति को खो चुकी थीं, अब अपने बेटे की शहादत की खबर सुनकर गहरे सदमे में हैं।
शहादत की खबर ने गांव को झकझोरा
सोमवार को जब संजय की शहादत की खबर कवारतन गांव पहुंची, तो पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। गांव वाले, जो संजय को एक मेहनती और देशभक्त जवान के रूप में जानते थे, उनके घर पर इकट्ठा हो गए। संजय के परिवार को सांत्वना देने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचे। गांव के सरपंच ने कहा, “संजय हमारे गांव का गौरव थे। उनकी शहादत ने हमें गर्व के साथ-साथ गहरे दुख में डाल दिया है।” स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संजय के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
लद्दाख: सैनिकों के लिए चुनौतीपूर्ण क्षेत्र
लद्दाख, जहां संजय सिंह सैनी तैनात थे, भारत का एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी कठिन भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। उच्च ऊंचाई, कम ऑक्सीजन स्तर, और अत्यधिक ठंड के कारण यह क्षेत्र सैनिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद, भारतीय सेना के जवान यहां दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं
हरियाणा के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
संजय सिंह सैनी की शहादत की खबर फैलते ही हरियाणा के कई नेताओं और संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “लेह-लद्दाख में वीरगति को प्राप्त हुए हरियाणा (गांव कवारतन, कैथल) के लाल संजय सिंह सैनी जी को अश्रुपूर्ण नमन। प्रभु से दिवंगत आत्मा को शांति व शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।” इसके अलावा, अन्य नेताओं जैसे भूपिंदर शूदा और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी संजय की शहादत को नमन करते हुए परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
संजय का जीवन और उनकी प्रेरणा
संजय सिंह सैनी का जीवन सादगी और समर्पण का प्रतीक था। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले संजय ने अपनी मेहनत और लगन से सेना में स्थान बनाया। वह अपने गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा थे, जो अक्सर उनसे देश सेवा के बारे में बातें करते थे। उनके बड़े भाई ने बताया कि संजय बचपन से ही सेना में शामिल होने का सपना देखते थे। उनकी शहादत ने उनके इस सपने को अमर कर दिया।
शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारियां
संजय सिंह सैनी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव कवारतन लाया जा रहा है, जहां उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। भारतीय सेना और हरियाणा पुलिस के जवान इस दौरान मौजूद रहेंगे। गांव वालों ने अंतिम संस्कार के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, और कई स्थानीय संगठनों ने इस आयोजन में सहयोग करने का वादा किया है। संजय के परिवार ने भी सरकार से अनुरोध किया है कि उनके बलिदान को सम्मानित किया जाए।