हत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। हर सुबह 6 बजे तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतों को अपडेट करती हैं, और जुलाई 2025 का यह अपडेट आपके लिए कई रोचक जानकारियां लेकर आया है। क्या कीमतें बढ़ी हैं या घटी हैं?इस लेख में हम आपको पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतों, उनके प्रभाव, और इससे जुड़े कई रोचक तथ्यों के बारे में विस्तार से बताएंगे। तो, आइए इस रोमांचक अपडेट को अंत तक पढ़ें और जानें कि यह आपके लिए क्यों मायने रखता है
आज की कीमतों का ताजा अपडेट
जुलाई 2025 को, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादातर शहरों में स्थिर रही हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.62 प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल ₹104.21 प्रति लीटर और डीजल ₹92.15 प्रति लीटर पर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल ₹103.94 और डीजल ₹90.76 प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹100.85 और डीजल ₹92.43 प्रति लीटर है। ये कीमतें वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों और रुपये-डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करती हैं।
विभिन्न शहरों में कीमतों का अवलोकन
पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर राज्य और शहर में अलग-अलग होती हैं, क्योंकि राज्य सरकारें वैट (मूल्य वर्धित कर) और अन्य स्थानीय कर लगाती हैं। यहाँ कुछ प्रमुख शहरों की कीमतें हैं:
- दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72, डीजल ₹87.62 प्रति लीटर।
- मुंबई: पेट्रोल ₹104.21, डीजल ₹92.15 प्रति लीटर।
- कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94, डीजल ₹90.76 प्रति लीटर।
- चेन्नई: पेट्रोल ₹100.85, डीजल ₹92.43 प्रति लीटर।
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹99.84, डीजल ₹90.99 प्रति लीटर।
कीमतों में स्थिरता का कारण
हाल के दिनों में वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर रही हैं, जिसका असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा है। जुलाई 2025 में क्रूड ऑयल की कीमत $78.5 प्रति बैरल पर थी, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 0.12% कम है। इसके अलावा, रुपये-डॉलर विनिमय दर में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, और एचपीसीएल हर दिन सुबह 6 बजे कीमतों की समीक्षा करती हैं, और इस बार कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
करों का खेल
पेट्रोल और डीजल की कीमतों का एक बड़ा हिस्सा करों में जाता है। भारत में ईंधन जीएसटी के दायरे में नहीं आता, इसलिए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट से कीमतें प्रभावित होती हैं। उदाहरण के लिए, केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क पेट्रोल और डीजल पर ₹52.95 प्रति लीटर है, और वैट राज्य के आधार पर 20% से 45% तक हो सकता है। इसका मतलब है कि आप जो कीमत चुकाते हैं, उसका लगभग 57% हिस्सा करों और डीलर कमीशन में जाता है।
ईंधन की कीमतें क्यों बदलती हैं?
- वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतें: वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर।
- रुपये-डॉलर विनिमय दर: कमजोर रुपया आयात लागत बढ़ाता है।
- कर और शुल्क: केंद्र और राज्य सरकारों के कर।
- परिवहन लागत: शहरों की दूरी और रसद लागत।
- मांग और आपूर्ति: बढ़ती मांग कीमतों को प्रभावित करती है।